Substitution Techniques in Cryptography Explained in Hindi & English | क्रिप्टोग्राफी में प्रतिस्थापन तकनीकें (Substitution Techniques in Cryptography Notes for Data Science Students)


क्रिप्टोग्राफी में प्रतिस्थापन तकनीकें (Substitution Techniques in Cryptography)

परिचय:

क्रिप्टोग्राफी (Cryptography) में प्रतिस्थापन तकनीकें (Substitution Techniques) सूचना सुरक्षा की सबसे पुरानी और महत्वपूर्ण विधियों में से एक हैं। यह तकनीक डेटा को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक अक्षर या प्रतीक को किसी अन्य अक्षर, संख्या या प्रतीक से बदल देती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि कोई अनधिकृत व्यक्ति संदेश को पकड़ भी ले, तो वह उसे समझ न सके।

Substitution Cipher क्रिप्टोग्राफी का एक बुनियादी रूप है जो आज की आधुनिक एन्क्रिप्शन तकनीकों (जैसे AES और RSA) की नींव रखता है।

प्रतिस्थापन तकनीकों की आवश्यकता:

  • डेटा गोपनीयता (Confidentiality) बनाए रखने के लिए।
  • संचार के दौरान संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा के लिए।
  • प्रारंभिक एन्क्रिप्शन सीखने और समझने के लिए आधार के रूप में।

प्रतिस्थापन तकनीकों के प्रकार:

Substitution Cipher को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है:

  1. Monoalphabetic Cipher (एकल वर्णमाला प्रतिस्थापन): एक अक्षर को दूसरे अक्षर से बदला जाता है और यह नियम पूरे संदेश में समान रहता है।
  2. Polyalphabetic Cipher (बहु वर्णमाला प्रतिस्थापन): एक अक्षर को विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग अक्षरों से बदला जा सकता है।

1. सीज़र सिफर (Caesar Cipher):

यह सबसे सरल और प्रसिद्ध Substitution Cipher है। इसमें प्रत्येक अक्षर को वर्णमाला में एक निश्चित संख्या से शिफ्ट किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि शिफ्ट 3 है, तो “A” की जगह “D” आएगा, “B” की जगह “E” आदि।

  • Plain Text: HELLO
  • Cipher Text: KHOOR
  • Formula: C = (P + k) mod 26

2. Monoalphabetic Cipher:

इसमें प्रत्येक अक्षर को किसी निश्चित लेकिन यादृच्छिक अक्षर से बदला जाता है। उदाहरण के लिए, “A” की जगह “Q” और “B” की जगह “T”।

  • इस प्रकार के Cipher में 26! (लगभग 4 × 1026) संभावनाएँ होती हैं।
  • यह Caesar Cipher से कहीं अधिक जटिल होता है।

3. Playfair Cipher:

Playfair Cipher दो अक्षरों के समूह (Digraphs) पर आधारित होता है। इसमें 5x5 मैट्रिक्स का उपयोग होता है जिसमें अक्षरों को व्यवस्थित किया जाता है और संदेश को जोड़ों में एन्क्रिप्ट किया जाता है।

उदाहरण: “HELLO” → “HE LL OX” → Cipher Text प्राप्त होता है।

4. Polyalphabetic Cipher (Vigenère Cipher):

यह Cipher Caesar Cipher का उन्नत रूप है जिसमें कई वर्णमालाओं का उपयोग होता है। इसमें एक Keyword का उपयोग करके शिफ्ट निर्धारित किया जाता है।

  • Plain Text: ATTACKATDAWN
  • Key: LEMON
  • Cipher Text: LXFOPVEFRNHR

5. Homophonic Substitution Cipher:

इस Cipher में एक अक्षर को एक से अधिक संभावित प्रतीकों से बदला जा सकता है ताकि विश्लेषण कठिन हो जाए।

Substitution Cipher के लाभ:

  • समझने और लागू करने में आसान।
  • बुनियादी सुरक्षा प्रदान करता है।
  • क्रिप्टोग्राफी के अध्ययन में आधारभूत भूमिका।

सीमाएँ:

  • Frequency Analysis द्वारा आसानी से तोड़ा जा सकता है।
  • कम सुरक्षा स्तर।
  • बड़े डेटा के लिए अप्रभावी।

वास्तविक जीवन में उपयोग:

  • प्रारंभिक सैन्य संदेशों के एन्क्रिप्शन में।
  • शैक्षिक उद्देश्यों में क्रिप्टोग्राफी सिखाने के लिए।
  • सुरक्षा एल्गोरिद्म डिजाइन की नींव के रूप में।

निष्कर्ष:

Substitution Techniques क्रिप्टोग्राफी की ऐतिहासिक नींव हैं। आधुनिक एल्गोरिद्म इन्हीं सिद्धांतों पर आधारित हैं। भले ही आज ये तकनीकें पूरी तरह सुरक्षित न मानी जाएँ, लेकिन इनकी समझ आधुनिक क्रिप्टोग्राफी की गहराई को समझने के लिए आवश्यक है।

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