Secure Multiparty Computation (SMC) in Cryptography Explained in Hindi & English | क्रिप्टोग्राफी में सुरक्षित बहुपक्षीय गणना (Secure Multiparty Computation) (Complete Notes for Data Science & Information Security Students)


क्रिप्टोग्राफी में सुरक्षित बहुपक्षीय गणना (Secure Multiparty Computation - SMC)

परिचय:

Secure Multiparty Computation (SMC) एक क्रिप्टोग्राफिक तकनीक है जो कई पक्षों (Parties) को उनके निजी डेटा को उजागर किए बिना किसी गणना (Computation) को संयुक्त रूप से करने की अनुमति देती है। इस तकनीक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक प्रतिभागी का इनपुट गोपनीय बना रहे और अंतिम आउटपुट सभी के लिए सटीक और सत्यापित हो।

उदाहरण के लिए, दो कंपनियाँ अपने कर्मचारियों की औसत सैलरी जानना चाहती हैं लेकिन किसी की व्यक्तिगत सैलरी प्रकट नहीं करना चाहतीं। यह कार्य SMC के माध्यम से सुरक्षित रूप से किया जा सकता है।


SMC का उद्देश्य:

  • डेटा की गोपनीयता (Privacy) बनाए रखना।
  • सत्यता (Correctness) और अखंडता (Integrity) सुनिश्चित करना।
  • विश्वासरहित वातावरण में भी सुरक्षित गणना करना।
  • डेटा के दुरुपयोग और लीक से सुरक्षा प्रदान करना।

SMC का कार्य सिद्धांत:

SMC इस विचार पर आधारित है कि कई पार्टियाँ किसी फ़ंक्शन f(x1, x2, ..., xn) को इस तरह से संयुक्त रूप से गणना कर सकती हैं कि:

  • कोई भी पार्टी किसी अन्य की इनपुट वैल्यू नहीं जान सके।
  • सभी पार्टियों को केवल अंतिम परिणाम ही प्राप्त हो।

इसके लिए डेटा को **भागों में विभाजित (Secret Sharing)** किया जाता है और प्रत्येक भाग अलग-अलग पार्टियों में वितरित होता है। गणना इस प्रकार की जाती है कि किसी भी पार्टी को संपूर्ण डेटा तक पहुँच नहीं होती।


Secure Multiparty Computation की तकनीकें:

1️⃣ Secret Sharing:

  • डेटा को कई हिस्सों में विभाजित किया जाता है।
  • प्रत्येक प्रतिभागी को एक हिस्सा (Share) मिलता है।
  • सभी हिस्से मिलकर मूल डेटा पुनर्निर्मित कर सकते हैं, लेकिन एकल हिस्सा किसी सूचना का खुलासा नहीं करता।

2️⃣ Homomorphic Encryption:

  • एन्क्रिप्टेड डेटा पर गणना की जा सकती है बिना उसे डिक्रिप्ट किए।
  • इससे डेटा गोपनीय बना रहता है, और परिणाम वैध प्राप्त होता है।

3️⃣ Oblivious Transfer:

  • एक पार्टी दूसरी से कुछ डेटा प्राप्त करती है लेकिन दूसरी पार्टी को यह नहीं पता चलता कि कौन-सा डेटा चुना गया।
  • यह चयन प्रक्रिया की गोपनीयता बनाए रखता है।

4️⃣ Zero Knowledge Proof (ZKP):

  • एक पार्टी यह साबित कर सकती है कि उसके पास कोई जानकारी है, बिना उसे वास्तव में उजागर किए।

SMC की आर्किटेक्चर:

  • Input Phase: प्रतिभागी अपने डेटा को Secret Shares में बदलते हैं।
  • Computation Phase: सभी प्रतिभागी इन Shares पर गणना करते हैं।
  • Output Phase: सभी Shares मिलकर अंतिम परिणाम को पुनः प्राप्त करते हैं।

SMC के अनुप्रयोग:

  • Secure Voting Systems: मतदाताओं की गोपनीयता सुनिश्चित करते हुए परिणामों की सटीकता।
  • Private Data Analysis: कंपनियों के बीच संवेदनशील डेटा विश्लेषण।
  • Blockchain Privacy: स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स में गोपनीय गणना।
  • Secure Auctions: बोलीदाता अपनी बोली छिपाकर सुरक्षित रूप से भाग ले सकते हैं।
  • Confidential Machine Learning: साझा डेटा पर मॉडल ट्रेनिंग बिना डेटा उजागर किए।

SMC के लाभ:

  • डेटा गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित।
  • विश्वासरहित वातावरण में सहयोग।
  • कानूनी और वित्तीय क्षेत्रों में उपयोगी।
  • क्लाउड आधारित डेटा प्रोसेसिंग में सुरक्षित समाधान।

SMC की सीमाएँ:

  • गणना जटिल और संसाधन-गहन।
  • Latency अधिक होती है।
  • Implementation लागत अधिक।

वास्तविक जीवन उदाहरण:

  • Google और Apple द्वारा Secure Aggregation Algorithms।
  • Voting Systems जैसे Helios और Mixnet आधारित प्लेटफॉर्म।
  • Cryptographic Research में Multi-party Neural Networks।

निष्कर्ष:

Secure Multiparty Computation आधुनिक क्रिप्टोग्राफी का एक शक्तिशाली उपकरण है जो गोपनीय डेटा पर भी सुरक्षित रूप से गणना करने की अनुमति देता है। यह Privacy-Preserving AI और Secure Blockchain Solutions का भविष्य है। Data Science और Information Security के छात्रों के लिए SMC की समझ Privacy और Trustless Computation की नींव रखती है।

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