Logical Partitioning (LPAR) | लॉजिकल पार्टिशनिंग (LPAR)


लॉजिकल पार्टिशनिंग (LPAR) in Hindi | Logical Partitioning Explained

परिचय

लॉजिकल पार्टिशनिंग (LPAR) एक उन्नत वर्चुअलाइजेशन तकनीक है जिसका उपयोग बड़े सर्वर सिस्टम्स में किया जाता है। यह एक भौतिक सर्वर को कई स्वतंत्र भागों (Partitions) में विभाजित करने की अनुमति देता है, जिनमें प्रत्येक का अपना ऑपरेटिंग सिस्टम और संसाधन होते हैं।

LPAR का उपयोग IBM Power Systems, HP Integrity Servers और अन्य एंटरप्राइज़-ग्रेड सर्वरों में व्यापक रूप से किया जाता है। यह तकनीक विशेष रूप से क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर, और मिशन-क्रिटिकल एप्लिकेशन के लिए महत्वपूर्ण है।

LPAR की परिभाषा

“Logical Partitioning (LPAR) एक तकनीक है जिसके माध्यम से एक भौतिक सर्वर को कई स्वतंत्र वर्चुअल सर्वरों में विभाजित किया जाता है, जहाँ प्रत्येक का अपना ऑपरेटिंग सिस्टम, मेमोरी, और CPU संसाधन होता है।”

LPAR का उद्देश्य (Purpose)

  • संसाधनों का अधिकतम उपयोग।
  • विभिन्न ऑपरेटिंग सिस्टम को एक ही सर्वर पर चलाना।
  • सुरक्षा और स्थिरता में सुधार।
  • वर्कलोड आइसोलेशन और बेहतर प्रबंधन।

LPAR का कार्य करने का तरीका (How LPAR Works)

  1. एक भौतिक सर्वर के संसाधनों (CPU, Memory, Storage) को छोटे लॉजिकल हिस्सों में विभाजित किया जाता है।
  2. प्रत्येक भाग (Partition) को एक वर्चुअल सर्वर के रूप में कॉन्फ़िगर किया जाता है।
  3. प्रत्येक LPAR अपना अलग ऑपरेटिंग सिस्टम चलाता है।
  4. Hypervisor या Virtual Machine Monitor (VMM) इन सभी पार्टिशनों का नियंत्रण करता है।

LPAR की आर्किटेक्चर (Architecture of LPAR)

  • Hardware Layer: फिजिकल सर्वर जिसमें CPU, Memory, Storage होते हैं।
  • Hypervisor Layer: IBM PowerVM या HP vPars जैसे सॉफ़्टवेयर जो पार्टिशन प्रबंधन करते हैं।
  • LPAR Layer: प्रत्येक पार्टिशन जिसमें OS और एप्लिकेशन चलते हैं।
  • Management Layer: एडमिन इंटरफ़ेस जो LPARs को मॉनिटर और नियंत्रित करता है।

LPAR के प्रकार (Types of LPAR)

  • 1️⃣ Dedicated LPAR: प्रत्येक पार्टिशन को फिक्स्ड CPU और Memory दिए जाते हैं।
  • 2️⃣ Shared LPAR: संसाधन डायनामिक रूप से वितरित किए जाते हैं।
  • 3️⃣ Micro-Partitioning: CPU को छोटे यूनिट्स में विभाजित कर कई LPARs में शेयर करना।

LPAR के घटक (Components of LPAR)

  • Hypervisor: संसाधन आवंटन और सुरक्षा प्रबंधन।
  • Partition Manager: नए LPARs बनाना और कॉन्फ़िगर करना।
  • Virtual I/O Server (VIOS): LPARs के बीच नेटवर्क और स्टोरेज साझा करना।
  • Hardware Management Console (HMC): केंद्रीय नियंत्रण पैनल।

LPAR के लाभ (Advantages of LPAR)

  • एक ही सर्वर पर कई OS का उपयोग।
  • बेहतर सुरक्षा और आइसोलेशन।
  • संसाधनों का कुशल वितरण।
  • लोड बैलेंसिंग और फॉल्ट टॉलरेंस।
  • डेटा सेंटर के लिए लागत में कमी।

LPAR की सीमाएँ (Limitations of LPAR)

  • कॉन्फ़िगरेशन की जटिलता।
  • प्रदर्शन में हल्का ओवरहेड।
  • उच्च लागत वाले सर्वर की आवश्यकता।

LPAR के अनुप्रयोग (Applications of LPAR)

  • क्लाउड डेटा सेंटर में वर्चुअल सर्वर तैनाती।
  • मल्टी-OS टेस्टिंग वातावरण।
  • एंटरप्राइज़ ERP सिस्टम जैसे SAP और Oracle।
  • सिक्योर बैंकिंग और वित्तीय एप्लिकेशन।

वास्तविक उदाहरण (Real-World Examples)

  • IBM PowerVM: LPAR आधारित एंटरप्राइज वर्चुअलाइजेशन प्लेटफ़ॉर्म।
  • HP vPars: HP सर्वर पर Logical Partitioning सिस्टम।
  • AIX LPAR: IBM का Unix आधारित OS जो Power Systems में चलता है।

LPAR बनाम वर्चुअल मशीन (LPAR vs Virtual Machine)

पैरामीटरLPARVirtual Machine
लेयरहार्डवेयर स्तरसॉफ्टवेयर स्तर
प्रदर्शनबेहतर और स्थिरमध्यम
सुरक्षाउच्चमध्यम
उपयोगएंटरप्राइज़ सर्वरसामान्य क्लाउड वातावरण

निष्कर्ष

लॉजिकल पार्टिशनिंग (LPAR) एक शक्तिशाली वर्चुअलाइजेशन तकनीक है जो सर्वर संसाधनों का कुशल प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित करती है। यह एंटरप्राइज़ स्तर पर क्लाउड और डेटा सेंटर में स्केलेबल समाधान प्रदान करती है। भविष्य में, LPAR तकनीक “Hybrid Virtualization” और “Cloud-native” वातावरण के साथ और अधिक स्मार्ट रूप में विकसित होगी।

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