Successive Approximation ADC क्या होता है? Principle और Working हिंदी में
Successive Approximation ADC क्या होता है?
Successive Approximation Register ADC (SAR ADC) एक medium-to-high speed Analog to Digital Converter है जो input analog signal को binary search algorithm की तरह successive steps में digital output में बदलता है।
🧠 Principle:
SAR ADC एक comparator और digital register (SAR) का उपयोग करता है, जो step-by-step यह जांचता है कि कौन-सी digital output analog input के सबसे नजदीक है। यह binary search algorithm की तरह काम करता है।
📦 Block Diagram:
- Sample and Hold Circuit
- Successive Approximation Register (SAR)
- DAC (Digital to Analog Converter)
- Comparator
- Control Logic
⚙️ Working Step-by-Step:
- Input analog voltage को Sample and Hold circuit पकड़ता है।
- SAR सबसे पहले MSB (Most Significant Bit) को 1 पर set करता है और बाकी सभी bits को 0।
- DAC उस digital value को analog में convert करता है।
- Comparator check करता है कि DAC output input से छोटा या बड़ा है।
- अगर DAC output > input, तो bit को 0 कर दिया जाता है, नहीं तो 1 छोड़ दी जाती है।
- यह process अगली bit के लिए दोहराई जाती है जब तक सारी bits fix न हो जाएं।
- Final digital output मिलता है जो input analog के सबसे करीब होता है।
📈 Example:
मान लीजिए 8-bit SAR ADC में input analog voltage है 2.6V और reference voltage 5V है। Output binary value लगभग 10000110 हो सकती है जो करीब 2.6V को represent करती है।
🎯 Advantages:
- High speed conversion
- Good resolution (8 to 16 bits)
- Low power consumption
- Compact design, easy integration
⚠️ Limitations:
- Not ideal for very high speed applications
- DAC की accuracy पर निर्भर करता है
📚 Applications:
- Data Acquisition Systems
- Digital Oscilloscopes
- Medical Instruments (ECG, EEG)
- Industrial Control Systems
- Embedded Systems
❓ FAQs:
Q: SAR ADC कितने समय में conversion करता है?
n-bit SAR ADC को n clock cycles लगते हैं (e.g., 8-bit ADC → 8 cycles)।
Q: क्या SAR ADC portable devices में use होता है?
हाँ, इसका low power consumption इसे ideal बनाता है portable और embedded devices के लिए।
🔚 निष्कर्ष:
Successive Approximation ADC एक efficient और precise method है analog signals को digital में convert करने के लिए। इसकी balance speed और accuracy इसे electronics और embedded applications में बहुत popular बनाती है।
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