Impurities in Water Notes | Engineering Chemistry | RGPV BTech First Year


Impurities in Water (जल में अशुद्धियाँ) क्या हैं?

प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त जल पूर्णतः शुद्ध नहीं होता। इसमें विभिन्न प्रकार की अवांछित पदार्थ (Unwanted Substances) उपस्थित रहते हैं जिन्हें अशुद्धियाँ (Impurities) कहा जाता है। Engineering Chemistry में जल की अशुद्धियों का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि ये जल की गुणवत्ता, उपयोगिता तथा औद्योगिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करती हैं।

जल में उपस्थित अशुद्धियाँ जल के स्वाद, रंग, गंध, कठोरता तथा स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए जल को उपयोग से पहले शुद्ध करना आवश्यक होता है।


जल में अशुद्धियों का वर्गीकरण

जल में उपस्थित अशुद्धियों को मुख्यतः तीन भागों में वर्गीकृत किया जाता है:

  • Suspended Impurities (निलंबित अशुद्धियाँ)
  • Colloidal Impurities (कोलॉइडल अशुद्धियाँ)
  • Dissolved Impurities (घुलित अशुद्धियाँ)

1. Suspended Impurities (निलंबित अशुद्धियाँ)

ये अशुद्धियाँ जल में तैरती रहती हैं तथा सामान्यतः नग्न आँखों से दिखाई देती हैं।

उदाहरण

  • रेत (Sand)
  • मिट्टी (Clay)
  • धूल (Dust)
  • वनस्पति अवशेष
  • सूक्ष्म कण

विशेषताएँ

  • जल को मटमैला बनाती हैं।
  • फिल्ट्रेशन द्वारा हटाई जा सकती हैं।
  • जल की पारदर्शिता कम करती हैं।

2. Colloidal Impurities (कोलॉइडल अशुद्धियाँ)

ये अशुद्धियाँ अत्यंत सूक्ष्म कणों के रूप में जल में उपस्थित रहती हैं। इनका आकार इतना छोटा होता है कि ये आसानी से नीचे नहीं बैठतीं।

उदाहरण

  • सिलिका
  • क्ले कण
  • कार्बनिक पदार्थ
  • जैलीनुमा पदार्थ

विशेषताएँ

  • सामान्य फिल्ट्रेशन से नहीं हटतीं।
  • जल में स्थिर रहती हैं।
  • कोएगुलेशन (Coagulation) द्वारा हटाई जाती हैं।

3. Dissolved Impurities (घुलित अशुद्धियाँ)

ये अशुद्धियाँ जल में पूर्णतः घुली हुई रहती हैं।

उदाहरण

  • Calcium Salts
  • Magnesium Salts
  • Sodium Chloride
  • Bicarbonates
  • Sulphates
  • Nitrates

विशेषताएँ

  • जल की कठोरता का मुख्य कारण।
  • सामान्य फिल्ट्रेशन से नहीं हटतीं।
  • विशेष जल उपचार आवश्यक होता है।

जैविक अशुद्धियाँ (Biological Impurities)

जल में सूक्ष्म जीवों की उपस्थिति भी अशुद्धि मानी जाती है।

उदाहरण

  • Bacteria
  • Virus
  • Algae
  • Fungi
  • Protozoa

हानियाँ

  • जल जनित रोग फैलाते हैं।
  • Typhoid
  • Cholera
  • Dysentery
  • Hepatitis

घुलित गैसें (Dissolved Gases)

जल में कुछ गैसें भी घुली होती हैं जो उसकी गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं।

गैस प्रभाव
CO₂ अम्लीयता बढ़ाती है
O₂ Corrosion को प्रभावित करती है
H₂S दुर्गंध उत्पन्न करती है
NH₃ जल गुणवत्ता प्रभावित करती है

जल में अशुद्धियों के स्रोत

  • मिट्टी एवं चट्टानें
  • औद्योगिक अपशिष्ट
  • घरेलू सीवेज
  • कृषि रसायन
  • वायुमंडलीय प्रदूषण
  • प्राकृतिक जैविक गतिविधियाँ

अशुद्धियों के कारण होने वाली समस्याएँ

  • जल की कठोरता बढ़ना
  • स्वाद एवं गंध में परिवर्तन
  • रोगों का प्रसार
  • Boiler Scale Formation
  • Corrosion Problems
  • Industrial Efficiency में कमी

जल शुद्धिकरण की आवश्यकता

जल में उपस्थित अशुद्धियों को हटाने के लिए विभिन्न उपचार प्रक्रियाएँ अपनाई जाती हैं।

  • Sedimentation
  • Filtration
  • Coagulation
  • Disinfection
  • Softening
  • Ion Exchange

Types of Impurities Comparison Table

Type Example Removal Method
Suspended Sand, Dust Filtration
Colloidal Clay, Silica Coagulation
Dissolved Ca²⁺, Mg²⁺ Salts Softening
Biological Bacteria, Virus Disinfection

Engineering Applications

  • Water Treatment Plants
  • Boiler Feed Water Analysis
  • Cooling Water Systems
  • Chemical Industries
  • Municipal Water Supply
  • Power Generation Plants

Exam Oriented Important Questions

  1. जल में उपस्थित विभिन्न प्रकार की अशुद्धियों का वर्णन कीजिए।
  2. Suspended और Dissolved Impurities में अंतर लिखिए।
  3. Colloidal Impurities क्या हैं?
  4. Biological Impurities से होने वाले नुकसान लिखिए।
  5. जल शुद्धिकरण की आवश्यकता क्यों होती है?

निष्कर्ष (Conclusion)

जल में विभिन्न प्रकार की अशुद्धियाँ उपस्थित होती हैं जो उसके उपयोग को प्रभावित करती हैं। Suspended, Colloidal, Dissolved तथा Biological Impurities जल की गुणवत्ता को कम करती हैं। इन अशुद्धियों की पहचान और उचित उपचार Engineering Chemistry का महत्वपूर्ण भाग है तथा सुरक्षित एवं औद्योगिक उपयोग के लिए आवश्यक है।

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